**गणपति स्थापना मुहूर्त 2024: भगवान गणेश को घर लाने का शुभ समय**


गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, सबसे व्यापक रूप से मनाए जाने वाले हिंदू त्योहारों में से एक है, जो बाधाओं के निवारणकर्ता और ज्ञान, समृद्धि और नई शुरुआत के देवता भगवान गणेश को समर्पित है। हर साल, भक्त गणेश चतुर्थी के दौरान गणपति स्थापना (भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना) के लिए सही समय का बेसब्री से इंतजार करते हैं।


2024 में, गणेश चतुर्थी **सोमवार, 9 सितंबर, 2024** को पड़ती है। यह त्यौहार घरों, पंडालों और मंदिरों में गणेश मूर्तियों की स्थापना द्वारा मनाया जाता है, और 10 दिनों तक बहुत उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जिसका समापन अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के साथ होता है।


### **2024 में गणपति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त**


समृद्धि और आशीर्वाद सुनिश्चित करने के लिए गणपति स्थापना आमतौर पर सबसे शुभ समय, या **शुभ मुहूर्त** के दौरान की जाती है। आदर्श समय मध्याह्न काल के दौरान है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म इसी दौरान हुआ था।


#### **गणपति स्थापना शुभ मुहूर्त:**

- **तिथि**: सोमवार, 9 सितंबर, 2024

- **मध्याह्न मुहूर्त**: सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:35 बजे तक

- **अवधि**: 2 घंटे 30 मिनट


यह मध्याह्न काल भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने के लिए अत्यधिक अनुकूल माना जाता है। हालाँकि, यदि यह समय असुविधाजनक है, तो भक्त उसी दिन अन्य शुभ समय जैसे **अभिजीत मुहूर्त** या **अमृत काल** के दौरान भी स्थापना कर सकते हैं।


### **चतुर्थी तिथि का समय:**

- **चतुर्थी तिथि आरंभ**: 8 सितंबर, 2024 को रात 10:23 बजे

- **चतुर्थी तिथि समाप्त**: 9 सितंबर, 2024 को रात्रि 08:45 बजे


### **गणपति स्थापना कैसे करें?**


1. **शुद्धि और सजावट**: उस क्षेत्र को साफ करें जहां मूर्ति रखी जाएगी। जगह को फूलों, रंगोली और दीयों से सजाएं।

   

2. **प्राण प्रतिष्ठा**: यह मंत्रों और फूलों, मिठाइयों (विशेष रूप से मोदक), और फलों जैसे प्रसाद के माध्यम से मूर्ति में भगवान गणेश की दिव्य उपस्थिति का आह्वान करने की रस्म है।


3. **पूजा अनुष्ठान**: भगवान गणेश को उनकी पसंदीदा वस्तुएं जैसे दूर्वा घास, गुड़हल के फूल और मोदक चढ़ाएं। पूजा के दौरान गणेश आरती का पाठ करें और "ओम गं गणपतये नमः" जैसे मंत्रों का जाप करें।


### **गणेश चतुर्थी का महत्व**


गणेश चतुर्थी भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि इन दस दिनों के दौरान, भगवान गणेश अपने भक्तों को ज्ञान, समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं और उनके जीवन से सभी बाधाओं को दूर करते हैं। यह उत्सव गणेश विसर्जन के साथ समाप्त होता है, जहां भक्त मूर्ति को पानी में विसर्जित करते हैं, जो सृजन और विघटन के चक्र का प्रतीक है।


### **गणेश विसर्जन 2024**

गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन या गणेश विसर्जन **गुरुवार, 19 सितंबर, 2024** को **अनंत चतुर्दशी** के दिन होगा।


गणेश चतुर्थी 2024 को भक्ति, आनंद और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं का पालन करके मनाएं। भगवान गणेश सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशियाँ लाएँ!